Type Here to Get Search Results !

BNS धारा 292: सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) के लिए दण्ड – अर्थ, दंड और उदाहरण

BNS धारा 292: सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) के लिए दण्ड
काल्पनिक चित्र 

धारा 292 का पूरा टेक्स्ट (Bare Act):- 

(अन्यथा अनुपबन्धित मामलों में लोक न्यूसेन्स के लिए दण्ड)

जो कोई किसी ऐसे मामले में लोक न्यूसेन्स करेगा जो इस संहिता द्वारा अन्यथा दण्डनीय नहीं है, वह जुर्माने से, जो एक हजार रुपए तक का हो सकेगा, दण्डित किया जाएगा।


📘 Hindi में सरल व्याख्या (Explanation) :- 

📌 धारा 292 का अर्थ:
जब कोई व्यक्ति सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) करता है, लेकिन उस कर्म के लिए संहिता में कोई विशेष दंड नहीं दिया गया है, तो ऐसे मामले में यह धारा लागू होती है। 


📌 सार्वजनिक उपद्रव (Public Nuisance) क्या होता है?:- 
इसमें ऐसे काम शामिल हैं जिनसे आम जनता को असुविधा, नुकसान या खतरा होता है, जैसे:

• सड़कों या रास्तों को ब्लॉक करना

• सार्वजनिक जगहों पर बहुत ज़्यादा शोर करना

• कचरा फैलाना या गंदगी करना जिससे लोगों को परेशानी हो

इन सभी को सार्वजनिक परेशानी माना जा सकता है। 


📌 सजा (Punishment):- 
सजा:- 1,000 रुपए का जुर्माना

अपराध:- असंज्ञेय

जमानत:- जमानतीय

विचारणीय:- कोई भी मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय

अशमनीय:- अशमनीय का मतलब है, ऐसा अपराध जिसके लिए समझौता नहीं किया जा सकता हैं।


📌 कानूनी प्रकृति:-
यह Non-Cognizable offence है (पुलिस बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति गिरफ्तारी नहीं कर सकती)।

यह Bailable है (आरोपी को बेल मिल सकती है)।

यह Non-Compoundable offence है (मुकदमा समझौते से नहीं हटाया जा सकता)।

इसे किसी भी मजिस्ट्रेट के सामने सुना जा सकता है। 


🧾 उदाहरण (Examples) :- 

✔ अगर कोई व्यक्ति रात में तेज़ म्यूज़िक बजाता है, जिससे पड़ोस में रहने वाले लोगों की नींद और शांति भंग होती है।

✔ अगर कोई व्यक्ति सार्वजनिक जगह पर अपना कचरा या प्लास्टिक का कचरा फैलाता है, जिससे उस जगह का इस्तेमाल करने वाले लोगों को परेशानी होती है।

ऐसी परिस्थितियों में, अगर कानून की कोई दूसरी धारा लागू नहीं होती है, तो धारा 292 के तहत जुर्माना लगाया जा सकता है।

🧠 ध्यान देने योग्य बातें :- 
यह धारा पुराने IPC सेक्शन 290 के समान है, लेकिन नया BNS में इसे आधुनिक संदर्भ में शामिल किया गया है। 

इसका उद्देश्य लोक शांति, सार्वजनिक स्वास्थ्य, सुविधाएं और सुरक्षा को बनाए रखना है।


(IPC) की धारा 290 को (BNS) की धारा 292 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है

(IPC) की धारा 290 को (BNS) की धारा 292 में बदल दिया गया है। - अगर आप चाहे तो लोगो पर क्लिक करके देख सकते है


अस्वीकरण: सलाह सहित यह प्रारूप केवल सामान्य जानकारी प्रदान करता है. यह किसी भी तरह से योग्य अधिवक्ता राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने अधिवक्ता से परामर्श करें. भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023  इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.